'टीएमसी में महाराष्ट्र जैसी टूट के संकेत', भाजपा विधायक तापस रॉय का दावा
पश्चिम बंगाल के मंत्री तापस रॉय ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस में विभाजन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जबकि पार्टी ने कहा कि उसके ज्यादातर विधायक ममता बनर्जी के साथ हैं।

पश्चिम बंगाल के मंत्री तापस रॉय ने मंगलवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में महाराष्ट्र जैसी टूट होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं। दूसरी ओर, विपक्षी दल टीएमसी ने कहा कि उसके ज्यादातर विधायक अभी भी पार्टी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ हैं।
टीएमसी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई में पार्टी के एक बड़े धड़े के अलग होने की चर्चाओं ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत में रॉय ने दावा किया कि तृणमूल ने कई ऐसे लोगों को पार्टी में शामिल किया, जिनका राजनीति से ज्यादा सरोकार नहीं था और अब पार्टी के अंदरूनी मतभेद तथा अंतर्विरोध सतह पर आ गए हैं। माणिकतला से भाजपा विधायक रॉय ने कहा कि टीएमसी में विभाजन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अंततः यह पार्टी पश्चिम बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य से गायब हो जाएगी।
वर्ष 2024 में टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए रॉय ने कहा, 'कई नेताओं और विधायकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। ये घटनाक्रम संकेत दे रहे हैं कि पार्टी टूट की ओर बढ़ रही है, ठीक वैसी ही स्थिति जैसी महाराष्ट्र में हुई थी।'
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि टीएमसी कभी भी लोकतांत्रिक पार्टी नहीं थी। उन्होंने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने लंबे संघर्ष के बाद, जब हम सत्ता में आए हैं, तो शायद कोई लोकतांत्रिक विपक्ष न हो। टीएमसी बरकरार रहे या टूट जाए, इससे हमें कोई लेना-देना नहीं है। उनके आंतरिक संकट से हमारा कोई संबंध नहीं है।'
'ज्यादातर विधायक ममता के साथ'
टीएमसी के वरिष्ठ नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय, जिन्हें पार्टी ने विपक्ष का नेता नामित किया है, ने कहा कि ज्यादातर विधायक ममता बनर्जी के साथ बने रहेंगे और संगठन की कमान वरिष्ठ नेताओं के हाथों में ही रहेगी।
उन्होंने कहा, 'सत्तारूढ़ सरकार के भारी दबाव के चलते कुछ लोग जाली हस्ताक्षरों के बारे में बयान देने के लिए मजबूर हो रहे हैं। कुछ नेता टीएमसी के खिलाफ जाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टी उन्हें पैसा दे रही है। हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।' चट्टोपाध्याय ने कहा कि कुछ विधायक दबाव में टूट सकते हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर बगावत की आशंका नहीं है और पार्टी का चुनाव चिह्न भी ममता बनर्जी के पास ही रहेगा।
ऋतब्रत बनर्जी का जवाब
विधानसभा परिसर से बाहर आने के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने स्वीकार किया कि विधायक हॉस्टल में कुछ विधायकों से उनकी मुलाकात हुई और उनके साथ मुरमुरा खाया था। उन्होंने कहा कि वह 'एक-एक दिन के हिसाब से आगे बढ़ने' में विश्वास रखते हैं और 50 से ज्यादा विधायकों के उनके साथ आने की अटकलों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने दावा किया कि शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता निर्वाचित करने संबंधी कोई औपचारिक प्रस्ताव पारित नहीं हुआ था और जिस कागज पर हस्ताक्षर लिए गए थे, वह महज उपस्थिति दर्ज करने के लिए था। बनर्जी ने यह भी दावा किया कि पार्टी का नियंत्रण अब 'आई-पैक' के हाथों में चला गया है और इसका संचालन ममता बनर्जी नहीं कर रही हैं।
294 सदस्यीय विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने 80 सीटें जीती थीं। पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में सोमवार को दो विधायकों को निष्कासित कर दिया गया।
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