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10 और 20 रुपये के पॉलिमर नोट: आरबीआई गवर्नर ने बताया कब तक आएंगे

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि पॉलिमर नोटों का फील्ड ट्रायल जारी है और केंद्रीय बैंक का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027-28 तक इन्हें बाजार में उतारने का है।

10 और 20 रुपये के पॉलिमर नोट: आरबीआई गवर्नर ने बताया कब तक आएंगे
Photo: Vyacheslav Argenberg · CC BY 4.0

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) देश में पॉलिमर (प्लास्टिक) बैंक नोट लाने की दिशा में काम कर रहा है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि फिलहाल इन नोटों का फील्ड ट्रायल चल रहा है और इसके नतीजों के आधार पर ही बड़े पैमाने पर जारी करने का फैसला लिया जाएगा। केंद्रीय बैंक का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027-28 तक इन नोटों को बाजार में उतारने का है।

मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में गवर्नर ने बताया कि पायलट परियोजना के तहत विभिन्न परिस्थितियों में इन नोटों के प्रदर्शन का परीक्षण किया जा रहा है। बड़े स्तर पर जारी करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ये नोट भारतीय मौसम, उपयोग की प्रकृति और परिचालन संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप टिकाऊ और प्रभावी साबित हों।

फील्ड ट्रायल जारी

मल्होत्रा ने कहा कि फील्ड ट्रायल के दौरान मिले आंकड़ों और अनुभवों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद ही पॉलिमर नोटों को व्यापक स्तर पर प्रचलन में लाने पर अंतिम निर्णय होगा।

इससे पहले केंद्र सरकार संसद को बता चुकी है कि उसने आरबीआई के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत 10 रुपये और 20 रुपये मूल्यवर्ग के पॉलिमर नोटों का फील्ड ट्रायल किया जाएगा। पायलट परियोजना के तहत दोनों मूल्यवर्ग के 100-100 करोड़ नोट जारी करने की योजना है, ताकि उनकी मजबूती, टिकाऊपन और भारतीय परिस्थितियों में उपयोगिता का आकलन किया जा सके।

कागजी नोटों की तुलना में ज्यादा टिकाऊ

आरबीआई का मानना है कि पॉलिमर नोट पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में अधिक समय तक चलते हैं। खास तौर पर छोटे मूल्यवर्ग के नोट, जिनका उपयोग सबसे अधिक होता है और जो जल्दी खराब हो जाते हैं, उनके लिए यह बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। इससे नोटों की बार-बार छपाई और प्रतिस्थापन पर आने वाली लागत में भी कमी आने की संभावना है।

पॉलिमर नोटों में उन्नत सुरक्षा तकनीक का इस्तेमाल भी किया जाएगा। इनमें पारदर्शी विंडो सहित कई आधुनिक सुरक्षा फीचर शामिल किए जा सकते हैं, जिससे नकली नोटों की पहचान आसान होगी और जालसाजी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

कागजी मुद्रा खत्म नहीं होगी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कागजी मुद्रा को पूरी तरह समाप्त करने की कोई योजना नहीं है। पॉलिमर नोट जारी होने के बाद भी वे मौजूदा कागजी नोटों के साथ समानांतर रूप से प्रचलन में बने रहेंगे। आरबीआई के अनुसार, देश के विभिन्न क्षेत्रों की जलवायु और उपयोग संबंधी परिस्थितियों में इन नोटों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा और फील्ड ट्रायल तथा परिचालन समीक्षा पूरी होने के बाद ही व्यापक उपयोग पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

यह लेख हमारी संपादकीय नीति के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है।

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